कोरोना वायरस की वजह से एक तरफ देश में 21 दिन के लिए लॉक डाउन लागू है और दूसरी तरफ देश में लगातार कोरोना की वजह से लोगों की मौत हो रही है , इस चक्र में भारत सरकार इस तरह फस गई है, कोरोना के कारण देश की अर्थव्यवस्था भी चरमरा सकती है| देश में रोजगार और लोगों की आय को तगड़ा झटका लग सकता है | 2 बड़ी एजेंसियों ने ये दावा किया है कि देश की अर्थ व्यवस्था काफी नीचे जा सकती है|


रेटिंग एजेंसी मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस, ने भारत विकास दर का अनुमान घटा दिया है।पहले मूडीज की रेटिंग 5.4 थी। लेकिन कोरोना वायरस के माहमारी को देखते हुए अपनी रेटिंग 5.3 करदी है।

फिच रेटिंग्स मूडीज की तरह फिच ने भी अपने GDP विकास दर का अनुमान दिया है। जीडीपी 2019 में 5.6 थी। फिच ने 2020-21 की जीडीपी रेटिंग 5.1 कर दिया है।

मूडीज और फिच की तरह S&P Global Ratings की रेटिंग भारत के लिए निराश करने वाली है। इसी एजेंसी ने भारत को 2020 में 5.7 की रेटिंग दी थी। एजेंसी ने भारत की रेटिंग 5.7 से घटाकर 5.2 कर दीया है।

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